
नागर विमानन मंत्रालय ने चक्रवात "अर्नब" की स्थिति और परिचालन तैयारियों की समीक्षा की
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के इनपुट के अनुसार, चक्रवाती तूफान "अर्नब" के और अधिक तीव्र होकर 'बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान' में बदलने की आशंका है। इसके 28 अक्टूबर को आंध्र प्रदेश के तट से टकराने का अनुमान है, जिसमें हवा की गति 125–135 किमी प्रति घंटा और झोंकों की गति 150 किमी प्रति घंटा तक हो सकती है। इसे देखते हुए, नागर विमानन मंत्रालय ने स्थिति का जायजा लेने और विमानन सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए समीक्षा बैठक आयोजित की। तटीय आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा (भुवनेश्वर सहित) से आने-जाने वाली उड़ानें सबसे अधिक प्रभावित हो सकती हैं। तूफान के रास्ते के आधार पर, हैदराबाद, वाराणसी, प्रयागराज और गोरखपुर में भी उड़ानों में देरी हो सकती है। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, नागर विमानन मंत्रालय ने एएआई, डीजीसीए, बीसीएएस, आईएमडी, एयरलाइन और एयरपोर्ट ऑपरेटरों, एनडीआरएफ, तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों जैसी विभिन्न एजेंसियों के बीच आपसी समन्वय पर जोर दिया है।
हवाई अड्डों की स्थिति
विशाखापत्तनम में 27 अक्टूबर की दोपहर से ही परिचालन रोक दिया गया है। विजयवाड़ा और राजमुंदरी में, 27 अक्टूबर को शाम 7 बजे के बाद सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। 28 अक्टूबर के लिए दिल्ली–भोगपुरम–दिल्ली सेवा को रद्द कर दिया गया है।
एयरलाइन की अद्यतन स्थिति
- एयर इंडिया: दिल्ली–विशाखापत्तनम–दिल्ली (27 अक्टूबर) और दिल्ली–विजयवाड़ा–दिल्ली (28 अक्टूबर) रूट पर कुल 6 उड़ानें रद्द की गई हैं।
- एयर इंडिया एक्सप्रेस: 13 उड़ानें रद्द की गई हैं। इनमें मुख्य रूप से विशाखापत्तनम से हैदराबाद, बेंगलुरु और विजयवाड़ा के बीच की उड़ानें, तथा वाराणसी–बैंकॉक और बैंकॉक–विशाखापत्तनम की उड़ानें शामिल हैं।
- इंडिगो: विशाखापत्तनम में सभी उड़ानें रोक दी गई हैं। विजयवाड़ा और राजमुंदरी में भी 27 अक्टूबर को शाम 7 बजे के बाद सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं। रद्द की गई उड़ानों के ये आंकड़े अभी शुरुआती हैं।
- आकासा एयर: दिल्ली–भोगपुरम और वापसी (28 अक्टूबर) की उड़ानें रद्द कर दी गई हैं; बाकी सभी उड़ानों के सामान्य रूप से चलने की उम्मीद है।
- अलायंस एयर: परिचालन सामान्य है, अब तक कोई उड़ान रद्द नहीं की गई है।
एयरलाइंस को सलाह दी गई है कि वे खराब मौसम से जुड़े परिचालन दिशानिर्देशों का पालन करें, उड़ान में देरी या रद्द होने की स्थिति में यात्रियों को सूचित करें, और री-बुकिंग तथा रिफंड से जुड़े नियमों का पालन करें।
यात्रियों को सलाह दी जाती है कि वे हवाई अड्डे के लिए निकलने से पहले एयरलाइन की वेबसाइट, ऐप, हेल्पलाइन या SMS के जरिए अपनी उड़ान की स्थिति (फ्लाइट स्टेटस) जांच लें। उनसे अनुरोध है कि जब तक उनकी उड़ान कन्फर्म न हो जाए, तब तक यात्रा के लिए न निकलें। यात्रियों को यात्रा के लिए अतिरिक्त समय भी लेकर चलना चाहिए। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में जलभराव और सड़कें बंद होने की आशंका है। सचिव ने एयरलाइंस और एयरपोर्ट ऑपरेटरों को सलाह दी है कि वे वरिष्ठ नागरिकों, चलने-फिरने में कठिनाई महसूस करने वाले लोगों, छोटे बच्चों के साथ यात्रा कर रहे माता-पिता और चिकित्सा संबंधी मामलों वाले यात्रियों को हर संभव सहायता प्रदान करें। यदि कोई शिकायत हल नहीं होती है, तो यात्रियों से अनुरोध है कि वे पहले एयरलाइन के पास शिकायत दर्ज कराएं, और उसके बाद 'एयरसेवा' (AirSewa) पोर्टल या ऐप के माध्यम से शिकायत करें।
नागर विमानन मंत्रालय ने फिर दोहराया है कि सुरक्षा पहली प्राथमिकता है और जैसे-जैसे हालात बदलेंगे, वे अपडेट जारी करते रहेंगे।
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